स्टालिन, खडगे, ए राजा, जगदानंद सिंह के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा , सनातन को खत्म करने की बात करने वालों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज

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भीलवाड़ा में सनातन धर्म के समर्थन में उमड़ा अधिवक्ताओं का सैलाब

भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी

सनातन को बीमारी बताने, डेंगू, मलेरिया कोरोना की तरह समाप्त करने, टीका लगाने वालो को ही देश को गुलाम बनाने वाला बताने, एचआईवी व कुष्ठ रोग से तुलना, सामाजिक बीमारी बताने इत्यादि कारण से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पुत्र उदयनिधि स्टालिन, काग्रेंस के प्रियांक खडगे पुत्र मल्लिकार्जुन खडगे, डीएमके पार्टी के सांसद ए.राजा, राष्ट्रीय जनता दल के जगदानंद सिंह के खिलाफ भीलवाड़ा के भीमगंज पुलिस थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई। इस दौरान संतो एवं अधिवक्ताओं के सान्निध्य में सनातन धर्म अनुयायियों द्वारा वाहन रैली निकाली गयी।
विश्वभर में सनातन की धर्मध्वजा फहराने वाले भीलवाड़ा के महामण्डलेश्वर स्वामी हंसरामजी उदासीन ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पुत्र उदयनिधि स्टालिन सहित काग्रेंस के प्रियांक खडगे पुत्र मल्लिकार्जुन खडगे, डीएमके पार्टी के सांसद ए.राजा, राष्ट्रीय जनता दल के जगदानंद सिंह ने सता के नशे में विश्व के प्राचीन धर्म को ही समाप्त करने का घिनौना षड़यंत्र और सनातनियों को समाप्त करने का गंभीर अपराध किया है। स्वामी जी ने कहा कि जहां सम्पूर्ण विश्व सनातन की ओर नतमस्तक हो रहा है, वहीं हमारे ही कुछ राजनेतिक लोग अपने निजी स्वार्थ के कारण देश, धर्म, संस्कृति और मान बिन्दुओं को समाप्त करना चाहते है। कानून विशेषज्ञों की राय से संबंधित के विरूद्ध भारत के संविधान की कानूनी धारा 295 ए, 153 ए, 153 बी, 120 बी, 505 (2) आदि अपराधी धाराओं में संत गोविन्दराम गुरू हंसराम जी उदासीन ने सनातन धर्म प्रेमी बंधुओं के साथ एफ.आई.आर. दर्ज करवाई।
एफ.आई.आर. दर्ज करवाने से पूर्व धर्मप्रेमी बंधु हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में एकत्रित होकर सैकड़ो की संख्या में वाहनों पर हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन, महंत मोहन शरण (निम्बार्क आश्रम), संत मायाराम, संत राजाराम, संत गोविंदराम, संत श्रवण दास उदासीन के सान्निध्य में रवाना हुए। इस अवसर पर अधिवक्ता उम्मेदसिंह राठौड़, गोपाल सोनी, रामपाल शर्मा, कृष्ण गोपाल सोलंकी, रघुनंदन कानावत, राहुल पोरवाल, अभिमन्यु जोशी, राजकुमार जैन, परीक्षित, मनीष आसोफा, ओम प्रकाश लढ़ा, राजेन्द्र जैन, अनुराग आचार्य, मखन खटीक, राजेश सामरिया, अजय सुवालका, रामनिवास विजयवर्गीय, गणेश लाल शर्मा, धर्मवीर सिंह कानावत, बनवारी लाल शर्मा, महावीर जांगिड़, ओम देवानी, दीपक खूबवानी, शोभालाल माली, श्रीनाथ पाराशर सहित लगभग 50 अधिवक्ताओं का समूह उपस्थित था।
हिन्दूवादी संगठनों के पा्रतिनिधि चांदमल सोमानी, सुरेश गोयल, महेश नवहाल, अशोक मूंदड़ा, भगवान सिंह, ईश्वर आसनानी, बद्री सोमानी, कैलाश चंद तिवारी, वीरूमल पुरसानी, मोहन शर्मा, गणेश प्रजापत, पंकज आडवाणी, हरीश गुरनानी, बाबूलाल सेन, हेमन दास भोजवानी, हीरालाल गुरनानी, विनोद झुरानी, रमेश खोतानी, मनीष सबदानी, भारत गेंगेट, पल्लवी वच्छानी, किशोर लखवानी, हेमंत वच्छानी, किशन सहित सैकड़ो की संख्या में सनातन धर्म प्रेमी उपस्थित रहे।