राष्ट्रीय संस्कृत समूहगान लोकगीत प्रतियोगिता में लिया उत्साहपूर्वक भाग

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भाविप राजस्थान मध्य प्रांत की प्रेरणा से हूआ अनूठा आयोजन, सेंट्रल एकेडमी स्कूल ने प्राप्त किया प्रथम स्थान

भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की प्रेरणा से राष्ट्रीय संस्कृत समूह गान लोकगीत प्रतियोगिता का अनूठा आयोजन परिषद की महाराणा प्रताप शाखा द्वारा माउंट वे जी स्कूल में किया गया। प्रतियोगिता में शामिल प्रतियोगियों ने गीत खुशी के गुनगुनाते बढ़ते जाए हम, मुस्कुराने की कला सिखलाए सबको हम, भारत माता का मान बढाते बढ़ते भाग्य मस्ताने कदम कदम पर मिल गाते वीरों के गाने गाते हुए देशभक्ति का जज्बा बढ़ाया। भगवान राम, कृष्ण, हनुमान व देशभक्ति के गीतों से माहौल शानदार रहा। एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किये। पर्यवेक्षक पारसमल बोहरा का उद्बोधन रहा। प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी श्याम कुमावत, शाखा सचिव मनोहर डूमलिया सहित मातृशक्ति का विशेष सहयोग रहा। गौरतलब है कि भारत विकास परिषद का यह अनूठा कार्यक्रम शाखा स्तर पर हो रहा है। इसमें आठ बच्चे अपनी-अपने प्रस्तुतियां देते हैं। इस प्रतियोगिता में किसी भी फिल्मी धुन का समावेश नहीं किया जाता है। यह प्रतियोगिता पूरे देशभक्ति एवं आध्यात्मिक गीतों पर आधारित होती है। वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियो के बीच वातावरण गूंजायमान होता है। शाखा स्तर पर विजेता टीम प्रांत स्तर पर प्रतियोगिता में भाग लेगी और प्रांत स्तरीय टीम राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी। गीतों का चयन राष्ट्रीय चेतना स्वर के नाम से किया जाता है। निर्णायक मंडल के निर्णय पर सेंट्रल एकेडमी स्कूल प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रांतीय प्रतियोगिता हेतु चयन हुआ।