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बिजोलिया। वर्षों तक रंगों और विरासत को सहेजने में जुटे रहे कस्बे के वरिष्ठ चित्रकार डॉ. ओम प्रकाश सोनी को आखिरकार उनकी कला साधना का बड़ा सम्मान मिला। उदयपुर स्थित लोक कला मंडल में आयोजित “वर्ल्ड हेरिटेज इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल-2026” में उन्हें भारतीय पारंपरिक कला और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए “लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड” से नवाजा गया।

“आर्ट पीवोट संस्था” द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सव में देश-विदेश के कलाकारों और कला प्रेमियों की मौजूदगी के बीच जैसे ही डॉ. सोनी के नाम की घोषणा हुई, सभागार तालियों से गूंज उठा। आयोजन में उनके दशकों लंबे योगदान को भारतीय कला परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया गया।

डॉ. सोनी ने भारतीय लघुचित्र (मिनिएचर) और ऑयल पेंटिंग कला को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ हजारों प्राचीन चित्रों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया है। बताया गया कि उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक दुर्लभ चित्रों का संरक्षण और पुनर्स्थापन किया है। इसके अलावा ऐतिहासिक भित्तिचित्रों और फ्रेस्को कला को संरक्षित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

कला जगत में डॉ. सोनी को केवल चित्रकार ही नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत के सजग प्रहरी के रूप में भी देखा जाता है। उन्होंने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से विद्यार्थियों और युवा कलाकारों को प्रशिक्षण देकर पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया।

समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात कलाविद् प्रो. सुरेश शर्मा और पेसिफिक विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. हेमंत कोठारी ने कहा कि डॉ. सोनी जैसे कलाकार भारतीय संस्कृति की जीवित पहचान हैं, जो कला के माध्यम से इतिहास और परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचा रहे हैं।

कार्यक्रम में आशा यादव, पंकज कनेरिया और भास्कर चौधरी को भी कला क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

By Kapil

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