बिजौलिया में आरक्षण ने बदले चुनावी समीकरण, 25 वार्डों की तस्वीर साफ; 9 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित
बिजौलिया। नगर पालिका आम चुनाव-2026 की तैयारियों के बीच बिजौलिया में वार्ड आरक्षण की तस्वीर सामने आने के साथ ही चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। 25 वार्डों के आरक्षण ने कई संभावित प्रत्याशियों के समीकरण बदल दिए हैं। खास तौर पर महिला आरक्षित वार्डों में दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। अब राजनीतिक दलों के साथ ही संभावित प्रत्याशी टिकट को लेकर अपने-अपने स्तर पर गणित बैठाने में जुट गए हैं।
9 वार्डों में महिलाओं को मौका
बिजौलिया नगर पालिका के 25 वार्डों में कुल 9 वार्ड महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें अलग-अलग श्रेणियों के तहत वार्ड 1 एसटी महिला, वार्ड 2 और 3 सामान्य महिला, वार्ड 8 और 12 ओबीसी महिला, वार्ड 17 और 18 सामान्य महिला तथा वार्ड 21 और 25 एससी महिला के लिए आरक्षित हैं।
इस आरक्षण के बाद नगर की चुनावी राजनीति में महिला दावेदारों की भूमिका अहम हो गई है। खासकर सामान्य महिला वाले वार्डों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है।
एससी के 5 और एसटी के 2 वार्ड
आरक्षण व्यवस्था में एससी वर्ग के चार वार्ड—5, 10, 11, 21 और 25 शामिल हैं। इनमें वार्ड 21 और 25 एससी महिला के लिए आरक्षित हैं।
इसी तरह एसटी वर्ग के दो वार्ड—1 और 24 हैं। इनमें वार्ड 1 एसटी महिला के लिए आरक्षित है, जबकि वार्ड 24 एसटी वर्ग के लिए है।
ओबीसी के 5 वार्ड आरक्षित
ओबीसी वर्ग के पांच वार्ड—8, 12, 15, 16 और 22 निर्धारित किए गए हैं। इनमें वार्ड 8 और 12 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हैं, जबकि वार्ड 15, 16 और 22 ओबीसी वर्ग के लिए हैं।
13 वार्डों में सामान्य वर्ग का समीकरण
आरक्षण सूची के अनुसार 13 वार्ड सामान्य वर्ग में हैं। इनमें वार्ड 2, 3, 17 और 18 सामान्य महिला के लिए आरक्षित हैं। वहीं वार्ड 4, 6, 7, 9, 13, 14, 19, 20 और 23 सामान्य वर्ग के लिए हैं।
आरक्षण ने कई दावेदारों की बदली रणनीति
वार्डों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों के सामने अब नई चुनौती खड़ी हो गई है। जिन दावेदारों का वार्ड उनके अनुकूल आरक्षित नहीं हुआ, उन्हें अब अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। वहीं आरक्षित वार्डों में नए चेहरों के सामने आने की संभावना भी बढ़ गई है।
महिला आरक्षित वार्डों में राजनीतिक परिवारों से जुड़ी महिलाओं के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं की दावेदारी भी देखने को मिल सकती है।
अध्यक्ष पद भी महिला के लिए आरक्षित
बिजौलिया नगर पालिका अध्यक्ष का पद पहले ही अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित हो चुका है। ऐसे में अब वार्ड आरक्षण में भी 9 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होने से आगामी चुनाव में महिला नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।
अब टिकट वितरण पर नजर
वार्ड आरक्षण के बाद चुनावी प्रक्रिया में अगला बड़ा पड़ाव राजनीतिक दलों का टिकट वितरण होगा। भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय स्तर पर संभावित प्रत्याशियों की तलाश और दावेदारी तेज होने की उम्मीद है। आरक्षण के कारण कई पुराने दावेदारों को नए विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं, जबकि कुछ वार्डों में नए चेहरे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ सकते हैं।
कुल मिलाकर आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ बिजौलिया में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि किस वार्ड से कौन मैदान में उतरता है और राजनीतिक दल किस चेहरे पर अपना दांव लगाते हैं।
