बिजोलिया। रवि अहीर ।
उपखंड क्षेत्र में ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर स्थानीय केमिस्टों और दवा व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बिजोलिया, सलावटिया और आरोली क्षेत्र के दवा विक्रेताओं ने एकजुट होकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया और अवैध ई-फार्मेसी कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए व्यापारियों ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बिना पर्याप्त निगरानी और नियमों की पालना के दवाइयों की बिक्री सीधे लोगों की सेहत से खिलवाड़ है।
दवा व्यापारियों का कहना है कि इंटरनेट और मोबाइल ऐप के जरिए दवाइयों की आसान उपलब्धता ने दवा वितरण व्यवस्था को असंतुलित कर दिया है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां पहुंचना मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। कई मामलों में अप्रमाणित और फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवाइयों की सप्लाई किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे दुरुपयोग और गलत दवा सेवन का खतरा बढ़ रहा है।
केमिस्ट संगठनों ने आरोप लगाया कि कोविड महामारी के दौरान दी गई विशेष छूटों का अब बड़े स्तर पर दुरुपयोग किया जा रहा है। ऑनलाइन कंपनियां भारी डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स देकर छोटे मेडिकल स्टोरों के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर रही हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से आमजन की सेवा कर रहे छोटे दवा विक्रेता आर्थिक दबाव में आ गए हैं और उनका कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन जारी करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो तथा होम डिलीवरी के नाम पर बिना नियंत्रण दवा वितरण व्यवस्था पर सख्त निगरानी रखी जाए। साथ ही छोटे व्यापारियों के हितों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट और प्रभावी नीति लागू करने की मांग भी उठाई गई।
दवा व्यापारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में यह मामला जनस्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र के अनेक दवा व्यापारी, मेडिकल संचालक और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।
