मेहकर में कैंसर मार्गदर्शन शिविर का हुआ आयोजन

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कैंसर मरीज आंतरिक शक्ति को बढ़ाकर रोग को स्थायी रूप से नियंत्रित कर सकता है-हंसराज चोधरी

शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी
भीलवाड़ा जिले के मोतीबोर का खेड़ा में स्थित श्रीनवग्रह आश्रम सेवा संस्थान तथा महाराष्ट्र के श्री संत गजानन महाराज केंसर समुपदेशन केंद्र मेहकर में कैंसर मार्गदर्शन शिविर का आयोजन समारोह पूर्वक किया गया। इस दौरान सैकड़ों रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण करके उनको उपचार के लिए मार्गदर्शन दिया गया।
मेहकर दत्त रेजीडेंसी में श्री संत गजानन महाराज कैंसर परामर्श केंद्र मेहकर ने आयुर्वेदिक पद्धति से कैंसर परामर्श शिविर का आयोजन किया। संयोजक जयंतराव वानखेड़े ने सभी का स्वागत किया।
कार्यक्रम में दीपक कवल पीएसआई महाराष्ट्र पुलिस, माधवराव जाधव, निदेशक, मुंबई कृषि उपज मंडी समिति, गोविंद अग्रवाल, पत्रकार संतोष मलोस, डा सुभाष लोहिया, भगवान पाटिल सुल्ताने, उद्यमी प्रवीण रिंधे, विजय चंगाडे, दत्त रेजीडेंसी, भरत सोनोन, दत्ता भाऊ इंगले, मल्लिकार्जुन घोडेस्वरी मौजूद रहे। नवलगिरि महाराज कुरहा एवं हंसराज चोधरी,जो प्रमुख रूप से उपस्थित थे का अभिनन्दन किया गया। हंसराज चोधरी ने कैंसर एवं अन्य रोगों पर मार्गदर्शन दिया।
कैंसर जागरूकता शिविर में मुख्य वक्ता के रूप् में श्रीनवग्रह आश्रम सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष हंसराज चोधरी ने कहा कि व्यसन की लत से कैंसर की बीमारी पैदा होती है और मनुष्य को कैंसर जैसी बीमारियां हो रही हैं। उन्होंनेे इस लत को छोड़ने का आग्रह किया और नवग्रह आश्रम से कई कैंसर रोगियों को आयुर्वेदिक उपचार पद्धति और जीवन शैली में बदलाव के साथ किया गया है और हो रहा है और महकर में कई मरीज ठीक हो रहे हैं, कैंसर के मरीज अपनी आंतरिक शक्ति को बढ़ाकर व्यक्ति इस रोग को स्थायी रूप से नियंत्रित कर सकता है। मुख्य वक्ता हंसराज चोधरी ने शिविर में कैंसर के लक्षणों की पहचान, उपचार तथा कैंसर के प्रमुख कारणों के संबध में आयुर्वेद चिकित्सा पद्वति व वानस्पतिक पद्वति द्वारा जानकारी दी गई।
चोधरी ने बताया कि कैंसर रोग में शरीर की कोशिकाओं के समूह में अनियंत्रित रूप से वृद्धि होती है जब ये कोशिकाएं टिशू को प्रभावित करती है तो कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है। कैंसर की जल्दी पहचान और उपचार से कैंसर से ठीक हो सकता है। कैंसर कई प्रकार होते हैं जैसे स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर, मुंह व गले का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, ब्रेन कैंसर। कैंसर होने के कुछ कारक ऐसे होते हैं। जिनसे कैंसर होने का खतरा किसी को भी हो सकता है जैसे धूम्रपान, तंबाकू चबाना, मोटापा, शराब का उपयोग और शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहना है। कैंसर के लक्षण की सही समय पर पहचान करना बेहद जरुरी है।