प्राचीन कोलिय राजवंश के साहित्य-वक्ताओं का मंच (भारतवर्ष) एवं विश्व कोली समाज एकता महासंघ (भारतवर्ष) के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 16 अगस्त 2026 को हिंडौन सिटी में एक भव्य सामाजिक एवं साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में विभिन्न राज्यों से पधारे समाज के गणमान्य व्यक्तियों, साहित्यकारों, वक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं समाज के पंच-पटेलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षदगण श्री महेश कुमार कोली, श्रीमती संजना देवी कोली, श्रीमती प्रतिभा कोली एवं श्री हीरालाल जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त आदरणीय श्री बादल भाई, श्री जीतू भाई, श्री सौरभ भाई, श्री गौरव भाई, रवि कोली, रोशन कोली, गणपत कोली, चेतन तलाया तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने समारोह की गरिमा बढ़ाई।
समाज के पंच-पटेलों में श्री परशुराम कोली, श्री राजू कोली एवं श्री पीरू कोली सहित अनेक समाजबंधुओं की सहभागिता रही। विभिन्न राज्यों से पधारे आदरणीय श्री यशवंत तंवर, श्री जगदीश कोली तथा लेखक एडवोकेट पूषा लाल कोली फतेहपुरिया, भीलवाड़ा (राजस्थान) सहित अनेक साहित्यिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
लेखक एडवोकेट पूषा लाल कोली फतेहपुरिया को ‘समाज-सूर्य’ की सम्माननीय पदवी
समारोह के दौरान समाज के प्रति समर्पण, साहित्यिक योगदान, सामाजिक चेतना तथा समाज की एकता और जागरूकता के लिए किए गए प्रयासों के सम्मानस्वरूप लेखक एडवोकेट पूषा लाल कोली फतेहपुरिया, भीलवाड़ा (राजस्थान) को ‘समाज-सूर्य’ की सम्माननीय पदवी से विभूषित किया गया।
यह सम्मान समस्त कोली समाज, हिंडौन सिटी की ओर से सादर प्रदान किया गया। यह सम्मान समाज के प्रति उनकी साहित्यिक एवं सामाजिक सेवाओं के प्रति आदर, विश्वास और कृतज्ञता का प्रतीक है।
विभिन्न राज्यों के साहित्य-वक्ताओं ने दिया एकता एवं जागरूकता का संदेश
इस भव्य आयोजन में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा एवं तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों से पधारे साहित्य-वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने समाज में शिक्षा के प्रसार, साहित्य के विकास, ऐतिहासिक शोध, सामाजिक समरसता, संगठनात्मक एकता तथा भावी पीढ़ी को जागरूक बनाने पर विशेष बल दिया।
समारोह में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने इस बात पर जोर दिया कि समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षा, ज्ञान, साहित्य, शोध, आपसी सहयोग और सामाजिक एकजुटता से ही संभव है। इस आयोजन ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत समाजबंधुओं को एक मंच पर लाकर परस्पर संवाद, विचार-विमर्श एवं सहयोग की नई संभावनाओं को प्रोत्साहित किया।
कोली समाज विकास एवं शोध साहित्य समिति का विशेष योगदान
इस आयोजन को सफल एवं गरिमामय बनाने में कोली समाज विकास एवं शोध साहित्य समिति, भीलवाड़ा (राजस्थान) के अध्यक्ष श्री कन्हैयालाल सुनारिया का विशेष योगदान रहा। उन्होंने आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान कर सामाजिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
उनका यह सहयोग समाज में शिक्षा, साहित्य, शोध और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में सराहनीय कदम है।
सामाजिक एकता और साहित्यिक जागरण की नई पहल
हिंडौन सिटी में आयोजित यह समारोह कोली समाज की एकता, सामाजिक चेतना, साहित्यिक अभिव्यक्ति और ऐतिहासिक शोध के प्रति समर्पण का महत्वपूर्ण उदाहरण बना। विभिन्न राज्यों से आए समाजबंधुओं की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि समाज की प्रगति के लिए आपसी भाईचारा, सहयोग, शिक्षा और संगठित प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
ऐसे आयोजन न केवल समाज के प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति, साहित्य और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा भी देते हैं।
