डाॅ.चेतन ठठेरा
जयपुर। प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर शिक्षा संकुल में स एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कृष्ण कुणाल, शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग ने की। शिक्षा सचिव ने बताया कि परीक्षा के तनाव से बच्चों को दूर रखने के लिए माननीय प्रधानमंत्री द्वारा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का 8वां संस्करण नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। इसके लिए सभी विद्यालय बच्चों को कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दिखाना सुनिश्चित करें।

शिक्षा सचिव ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए प्रदेशभर से 35 लाख पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है। इसके लिए कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों कुल नामांकन का 40%, शिक्षकों एवं एसडीएमसी के सदस्यों का 100% और प्रत्येक विद्यालय से 10 अभिभावकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विवेकानंद स्कूल, कस्तूरबा गांधी और पीएम श्री विद्यालयों में 100 फीसदी बच्चों का नामांकन किया जाना आवश्यक है। इसमें राजकीय, निजी और सीबीएसई सहित सभी विद्यालयों की भागीदारी रहेगी।
उन्होंने जिलों को बैनर और सेल्फ़ी पॉइंट भी लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा सके। कार्यक्रम के लिए 14 जनवरी, 2025 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। इस मौके पर सभी जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक व प्राथमिक) सहित अन्य अधिकारी वीसी के माध्यम से मौजूद रहे।

9-10 जनवरी को मनाया जाएगा मेगा अपार दिवस –
शिक्षा सचिव ने बैठक में अपार आईडी को लेकर भी चर्चा की और पंजीकरण में नंबर सुधार करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अपार आईडी को लेकर जिला स्तर पर गंगानगर, शाहपुरा, केकड़ी, ब्यावर व डूंगरपुर और ब्लॉक स्तर पर मांडलगढ़, सिंदरी , गलियाकोट, रायसिंह नगर व भीम की प्रगति सराहनीय है। उन्होंने कम पंजीयन करने वाले जिलों को सुधार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 9-10 जनवरी को मेगा अपार दिवस के रूप में मनाया जाएगा। अपार आईडी से ड्रॉपआउट चाइल्ड की ट्रेकिंग समस्या खत्म होगी और डीजी लॉकर पर डॉक्यूमेंट सुरक्षित रहेंगे।
शल्य चिकित्सा की आवश्यकता वाले बच्चों का उपचार 31 जनवरी, 2025 तक सुनिश्चित करें —
शिक्षा सचिव ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा शाला स्वास्थ्य परीक्षण के तहत करवाए गए पेपर लेस सर्वे के पश्चात् प्रदेश में 90 हजार बच्चों को शल्य चिकित्सा की आवश्यकता बताई गई है। शिक्षा व चिकित्सा विभाग मिलकर बच्चों के इलाज की व्यवस्था कर रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी तथा ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व जिला स्तर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बच्चों की शल्य चिकित्सा माह जनवरी, 2025 में करवाया जाना सुनिश्चित करेंगे। जिन बच्चों का इलाज राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संभव नहीं है, उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाए। समस्त जिला कलक्टर 31 जनवरी, 2025 तक साप्ताहिक मॉनिटरिंग कर बच्चों को समय पर उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाएं।
