बिजोलिया। उपखंड क्षेत्र में गुरुवार देर रात मौसम ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। तेज आंधी, धूलभरी हवाओं और मूसलाधार बारिश ने नगर सहित ग्रामीण इलाकों में जमकर कहर बरपाया। कुछ ही मिनटों में कई स्थानों पर टीन शेड उड़ गए, पेड़ धराशायी हो गए, बिजली के तार टूट गए और विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि एक भैंस की भी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार थड़ौदा निवासी 52 वर्षीय देवीलाल पुत्र आसूराम रेगर गुरुवार रात अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान तेज आंधी के चलते मकान की छत पर लगा लोहे का टीन शेड (चद्दर) अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। टीन शेड का धारदार हिस्सा देवीलाल की गर्दन पर लगने से उन्हें गंभीर चोट पहुंची। हादसा इतना भयावह था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
उप जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. अंसार खान ने बताया कि गर्दन पर गहरा कट लगने के कारण देवीलाल की मृत्यु हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर मामले की जांच में जुट गई।

आंधी-तूफान का असर केवल लोगों तक ही सीमित नहीं रहा। धनवाड़ा गांव में रंगलाल पुत्र बीरबल बंजारा की भैंस भी उड़कर आए लोहे के चद्दर की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पशु की मौत से पशुपालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
तूफान के चलते बिजोलिया नगर के कांग्रेस कार्यालय के पास, मालीपुरा, तेजाजी का चौक सहित कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए। उड़कर आए टीन छप्पर सड़कों पर बिखर गए, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित रहा।
वहीं कांस्या क्षेत्र के शंभुपुरा चौराहे पर एक विशाल पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गया। दूसरी ओर सतकुंडिया गांव में विद्युत डीपी (ट्रांसफार्मर) टूटकर नीचे गिर गई, जिससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। कई इलाकों में बिजली के तार टूटने से देर रात तक अंधेरा पसरा रहा।
अचानक आए इस तूफानी मौसम ने लोगों को भयभीत कर दिया। तेज हवाओं की गर्जना, उड़ते टीन शेड और गिरते पेड़ों के कारण लोग रातभर घरों में दुबके रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी नुकसान की सूचनाएं मिल रही हैं।
