14 साल बाद पुलिस के शिकंजे में आया डकैती का ईनामी बदमाशरिश्तेदारी के कार्यक्रम में पहुंचा था आरोपी, बिजौलिया पुलिस ने दबिश देकर दबोचा

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बिजौलिया। आखिरकार 14 साल से पुलिस को चकमा दे रहा डकैती का ईनामी वारंटी कानून के शिकंजे में आ ही गया। थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 5 हजार रुपए के ईनामी आरोपी शंकरलाल उर्फ शंकरीया को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्षों से ठिकाने बदल-बदलकर पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस की सतर्कता और मजबूत मुखबिर तंत्र के आगे उसकी चालाकी नहीं चल सकी।

जानकारी के अनुसार जिले में फरार और वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज राजेन्द्र सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन तथा जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह आईपीएस के निर्देशन में पुलिस लगातार अपराधियों की धरपकड़ में जुटी हुई है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय पारस जैन एवं माण्डलगढ़ वृत्ताधिकारी बाबूलाल विश्नोई के सुपरविजन में बिजौलिया थाना प्रभारी स्वागत पाण्डया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शंकरलाल उर्फ शंकरीया पिता मोहन कालबेलिया मूल रूप से बेबड़िया थाना डाबी जिला बूंदी का रहने वाला है। फरारी के दौरान वह अपना ठिकाना बदलकर झालावाड़ जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के किशनखेड़ी इलाके में रह रहा था। आरोपी डकैती के एक पुराने मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।

बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से लगातार पहचान और ठिकाने बदलकर पुलिस गिरफ्त से दूर बना हुआ था। पुलिस टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र में अपनी रिश्तेदारी के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचा है। सूचना मिलते ही बिजौलिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तालेड़ा में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी स्वागत पाण्डया के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मण सिंह की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही, वहीं कांस्टेबल मायाराम ने भी कार्रवाई में सक्रिय सहयोग दिया।

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